सचिन शिरसाट

Sunday, March 19, 2017

राग जौनपूरी

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स्वर          -   आरोह में गंधार वर्ज्य। गंधार , धैवत व निषाद कोमल। शेष शुद्ध स्वर। जाति           -   षाढव - संपूर्ण थाट           ...

राग बृंदावनी सारंग

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स्वर     -    गंधार व धैवत वर्ज्य। निषाद दोनों। शेष शुद्ध स्वर। जाति         -   औढव - औढव थाट          -   काफी वादी/संवादी  - र...
Friday, March 17, 2017

हमको मनक्ती देना

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हमको मन की शक्ती देना श्रद्धा विश्वास की भक्ती देना                 हे ईश्वर तुम हमको अपने चरणोमे सदा रखना  ।। धृ ।।                सपन...
4 comments:

दीप जल रहे

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दिप जल रहे बने सितारे आज हमारे अंबर में दिप जल रहे हृदय हृदय में भारत  भारत भूमी के मंदिर में  ।। धृ ।।                  ...

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Thursday, September 29, 2016

ग्वाल्हेर घराणे

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ग्वाल्हेर घराणे भारतीय हिंदुस्तानी संगीतातील सर्वात प्राचीन घराणे आहे. उस्ताद नथ्थन पीरबख्श या घराण्यांचे संस्थापक मानले जातात. दिल्लीच्या ...
Saturday, September 17, 2016

चतूरा हस्त

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मृगशिर्ष मुद्रेत खालील प्रमाणे अंगठ्याची रचना केली असता चतूरा मुद्रा तयार होते. चतूरा मुद्रेत खालील बाबी दर्शवितात.  कमी प्रमाणात ...
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Sunday, March 19, 2017

राग जौनपूरी

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स्वर          -   आरोह में गंधार वर्ज्य। गंधार , धैवत व निषाद कोमल। शेष शुद्ध स्वर। जाति           -   षाढव - संपूर्ण थाट           ...

राग बृंदावनी सारंग

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स्वर     -    गंधार व धैवत वर्ज्य। निषाद दोनों। शेष शुद्ध स्वर। जाति         -   औढव - औढव थाट          -   काफी वादी/संवादी  - र...
Friday, March 17, 2017

हमको मनक्ती देना

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हमको मन की शक्ती देना श्रद्धा विश्वास की भक्ती देना                 हे ईश्वर तुम हमको अपने चरणोमे सदा रखना  ।। धृ ।।                सपन...
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दीप जल रहे

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दिप जल रहे बने सितारे आज हमारे अंबर में दिप जल रहे हृदय हृदय में भारत  भारत भूमी के मंदिर में  ।। धृ ।।                  ...

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Thursday, September 29, 2016

ग्वाल्हेर घराणे

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ग्वाल्हेर घराणे भारतीय हिंदुस्तानी संगीतातील सर्वात प्राचीन घराणे आहे. उस्ताद नथ्थन पीरबख्श या घराण्यांचे संस्थापक मानले जातात. दिल्लीच्या ...
Saturday, September 17, 2016

चतूरा हस्त

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मृगशिर्ष मुद्रेत खालील प्रमाणे अंगठ्याची रचना केली असता चतूरा मुद्रा तयार होते. चतूरा मुद्रेत खालील बाबी दर्शवितात.  कमी प्रमाणात ...
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